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मध्य पूर्व में युद्ध के असर की आशंका, समस्तीपुर में गैस-पेट्रोल की कालाबाजारी रोकने को प्रशासन सख्त, 27 टीमों का गठन

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समस्तीपुर:
मध्य पूर्व क्षेत्र में चल रहे युद्ध और बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय तनाव के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए समस्तीपुर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की कालाबाजारी तथा जमाखोरी रोकने के लिए जिले भर में विशेष छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इसके लिए प्रशासन ने 27 अलग-अलग टीमों का गठन किया है, जो जिले के विभिन्न प्रखंडों और नगर निकाय क्षेत्रों में नियमित जांच और निगरानी करेंगी।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में जिले में एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की कमी की आशंका भी उत्पन्न हो सकती है। वर्तमान समय में व्यवसायिक गैस सिलेंडर की बुकिंग और आपूर्ति भी बाधित बताई जा रही है। इस कारण गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर आम लोगों की भीड़ बढ़ सकती है, जिससे अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा होने की आशंका है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि संभावित संकट की स्थिति में कुछ गैस एजेंसियों द्वारा कालाबाजारी किए जाने या असामाजिक तत्वों द्वारा गैस सिलेंडर और पेट्रोलियम पदार्थों की जमाखोरी किए जाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसी को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। गठित टीमें अपने-अपने क्षेत्र में गैस एजेंसियों, होटलों, ढाबों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच करेंगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग व्यावसायिक कार्यों में अवैध रूप से न हो रहा हो।
जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार नगर निगम समस्तीपुर, समस्तीपुर प्रखंड, ताजपुर, सरायरंजन, मोरवा, पूसा, कल्याणपुर, वारिसनगर, खानपुर, रोसड़ा, हसनपुर, विभूतिपुर, सिंघिया, शिवाजीनगर, बिथान, दलसिंहसराय, उजियारपुर, विद्यापतिनगर, पटोरी, मोहिउद्दीननगर, मोहनपुर सहित विभिन्न नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में अलग-अलग दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त टीम तैनात की गई है। प्रत्येक टीम में एक दंडाधिकारी, एक पुलिस अधिकारी तथा चार तक सशस्त्र पुलिस या लाठी बल के जवान शामिल रहेंगे।
प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्रों में होटलों, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर विशेष नजर रखें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध रूप से उपयोग तो नहीं किया जा रहा है। साथ ही गैस एजेंसियों द्वारा किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है।
जिला प्रशासन ने यह भी कहा है कि सभी प्रतिनियुक्त अधिकारी प्रतिदिन की जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट शाम चार बजे तक जिला मुख्यालय को भेजेंगे। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से निरीक्षण कर स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का मानना है कि इस विशेष अभियान के माध्यम से जिले में एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखा जा सकेगा तथा कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

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